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बड़ा मंगल 2025: महत्व, परंपराएं और कृपा पाने के उपाय

श्री सस्वता एस.|बुध - 28 मई 2025|3 मिनट पढ़ें

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विषय सूची

बड़ा मंगल 2025 की तिथि और महत्व
ज्येष्ठ महीने के मंगलवारों का महत्व
बुधवा मंगल पर किए जाने वाले 5 प्रमुख उपाय
बुधवा मंगल मनाने के लाभ
निष्कर्ष

बुधवा मंगल 2025 की तिथि और महत्व

बुधवा मंगल, जिसे बड़ा मंगल भी कहा जाता है, उत्तर भारत विशेषकर उत्तर प्रदेश में अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। यह दिन भगवान हनुमान को समर्पित होता है। वर्ष 2025 में बुधवा मंगल 13 मई, मंगलवार को पड़ेगा, जो कि हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास का पहला मंगलवार होगा।
हालांकि पारंपरिक रूप से इसे केवल ज्येष्ठ माह के पहले मंगलवार को ही मनाया जाता है, परंतु कई श्रद्धालु पूरे महीने के सभी मंगलवारों को अत्यंत शुभ मानते हैं। उनका विश्वास है कि यह दिन विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा से भरे होते हैं और भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम माने जाते हैं।
ज्येष्ठ महीने के मंगलवारों का महत्व
ज्येष्ठ मास के मंगलवार हनुमान भक्तों के लिए विशेष आध्यात्मिक महत्व रखते हैं। ऐसा माना जाता है कि इन दिनों में भगवान हनुमान अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं और उन्हें साहस, सुरक्षा और शक्ति प्रदान करते हैं। इस महीने में मंत्रों का जाप, प्रसाद अर्पण और अन्य धार्मिक कार्य करके भक्त भगवान से सीधा संपर्क साधने का प्रयास करते हैं।

बुधवा मंगल पर किए जाने वाले 5 प्रमुख उपाय

हनुमान चालीसा का 108 बार पाठ करें
बुधवा मंगल के दिन सबसे श्रद्धापूर्वक किया जाने वाला कार्य है — हनुमान चालीसा का 108 बार पाठ। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित यह 40 चौपाइयों वाली स्तुति भगवान हनुमान के गुणों, पराक्रम और भक्ति को समर्पित है। इसे 108 बार (या 11, 21, 51 बार) पढ़ना अत्यंत फलदायी माना गया है। यह पाठ भक्तों को आंतरिक शांति, सुरक्षा और दिव्य ऊर्जा प्रदान करता है तथा भगवान हनुमान से गहरा जुड़ाव बनाता है।
भगवान हनुमान को बूंदी के लड्डू अर्पित करें
हर मंगलवार और शनिवार को बूंदी के लड्डू भगवान हनुमान को अर्पण किए जाते हैं। बुधवा मंगल के दिन विशेष रूप से लोग मंदिरों में जाकर या घर पर ही लड्डू चढ़ाते हैं। पहले लड्डू को भगवान की प्रतिमा के होंठों से स्पर्श कराया जाता है, फिर उनका भोग लगाया जाता है और शेष प्रसाद के रूप में सभी को बांटा जाता है।
गुड़, चना और कुमकुम का अर्पण करें
भारत के विभिन्न क्षेत्रों में बुधवा मंगल के दिन गुड़, चना और कुमकुम भगवान हनुमान को अर्पित करने की परंपरा है। गुड़ भगवान की शुद्ध भक्ति और मधुरता, चना शक्ति और पोषण, और कुमकुम दीर्घायु, स्वास्थ्य और तेज का प्रतीक माना जाता है। इन वस्तुओं का अर्पण भगवान हनुमान की कृपा पाने के लिए शुभ होता है।
लंगर या भंडारे का आयोजन करें
बुधवा मंगल के अवसर पर लंगर या भंडारे का आयोजन एक पवित्र सेवा मानी जाती है। कई श्रद्धालु इस पूरे महीने हर मंगलवार को भंडारा कराते हैं, जबकि कुछ लोग केवल पहले बड़े मंगल को यह सेवा करते हैं। भूखों को भोजन कराना एक पुण्य कार्य है और ऐसा करने से भगवान हनुमान और भगवान राम दोनों प्रसन्न होते हैं। यह सेवा धर्म, करुणा और भक्ति का प्रतीक है।
सुंदरकांड का पाठ करें
सुंदरकांड, रामायण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें भगवान हनुमान की लंका यात्रा, पराक्रम और श्रीराम के प्रति भक्ति का वर्णन है। बुधवा मंगल के अवसर पर तथा हर मंगलवार और शनिवार को सुंदरकांड का पाठ करने की परंपरा है। इसका पाठ करने से भय दूर होता है, मनोबल बढ़ता है और भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त होती है।

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बुधवा मंगल मनाने के लाभ

भगवान हनुमान की भक्ति में गहराई आती है
नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा मिलती है
भय, कष्ट और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है
मन की शांति और आत्मबल की प्राप्ति होती है
सेवा, भक्ति और दान की भावना विकसित होती है

निष्कर्ष

बुधवा मंगल 2025 केवल एक पर्व नहीं, बल्कि एक अवसर है — जिसमें भक्त भगवान हनुमान की भक्ति में लीन होकर उनके आशीर्वाद से अपने जीवन को सुरक्षित, शक्तिशाली और संतुलित बना सकते हैं। चाहे आप हनुमान चालीसा का पाठ करें, भंडारा आयोजित करें, या सुंदरकांड का पाठ करें, प्रत्येक उपाय भगवान की कृपा पाने की दिशा में एक कदम है। इस पावन मंगलवार को श्रद्धा से मनाएं और भगवान हनुमान को अपने जीवन का मार्गदर्शक बनाएं।

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